Apple IPad Pro Ads: विज्ञापन पर मांगी माफ़ी, सोशल मीडिया पर हुई थी आलोचना

Apple IPad Pro Ads: विज्ञापन पर मांगी माफ़ी, सोशल मीडिया पर हुई थी आलोचना

Apple IPad Ads

पिछले हफ्ते, ऐप्पल ने अपने नए Apple IPad Pro Ads पर मांगी माफ़ी, सोशल मीडिया पर हुई थी आलोचना के लिए एक विज्ञापन जारी किया जिसकी वजह से सोशल मीडिया पर तूफान खड़ा हो गया है । इस विज्ञापन में, संगीत वाद्ययंत्रों, किताबों और अन्य वस्तुओं को हाइड्रोलिक प्रेस से कुचलते हुए दिखाया गया था, जिसके बाद स्क्रीन पर लिखा गया था, “सभी रचनात्मकता एक iPad में।”

Apple IPad Pro Ads

क्यों हो रही है इस विज्ञापन की आलोचना

इस विज्ञापन को देखते ही सोशल मीडिया पर इसकी जमकर आलोचना शुरू हो गई। लोगों का कहना था कि यह विज्ञापन रचनात्मकता का अपमान करता है और यह दर्शाता है कि तकनीक मानवीय अनुभव को नष्ट कर रही है।

मशहूर हस्तियों ने भी इस विज्ञापन की आलोचना की। ह्यूग ग्रांट ने Twitter पर लिखा, “मानवीय अनुभव का विनाश। सिलिकॉन वैली के सौजन्य से।”

जस्टिन बेटमैन ने भी एक ट्वीट में कहा, “यह विज्ञापन भयानक है। यह रचनात्मकता और कला का अपमान है।”

ऐप्पल ने माना गलती ,मांगी माफ़ी

विज्ञापन की आलोचना के बाद ऐप्पल ने माफ़ी मांग ली और कहा कि वे गलती स्वीकार करते हैं।

कंपनी ने एक बयान में कहा, “हम यह स्वीकार करते हैं कि यह विज्ञापन गलत था और हमने रचनात्मक लोगों को ठेस पहुंचाई। हमारा मकसद यह दिखाना था कि नवीनतम iPad कितना शक्तिशाली है, लेकिन हम गलत तरीके से ऐसा करने की कोशिश कर रहे थे।”

विज्ञापन से क्या प्रभाव पड़ा

इस घटना ने सोशल मीडिया पर कंपनियों के विज्ञापनों की नैतिकता पर बहस छेड़ दी है। लोगों का मानना है कि कंपनियों को अपने विज्ञापनों को बनाने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके विज्ञापन किसी को ठेस न पहुंचाएं और समाज में गलत संदेश न फैलाएं।

यह विज्ञापन “नोकिया टायर” के एक विज्ञापन जैसा है जो 2009 में जारी किया गया था। उस विज्ञापन में, एक कार को टैंकों और ट्रकों द्वारा कुचला जाता है, जिसके बाद स्क्रीन पर लिखा जाता है, “नोकिया टायर। इतने मजबूत।”

इस विज्ञापन की भी सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हुई थी। लोगों का कहना था कि यह विज्ञापन हिंसा को बढ़ावा देता है और यह खतरनाक है।

ऐप्पल का आईपैड विज्ञापन एक सबक है कि कंपनियों को अपने विज्ञापनों को बनाने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके विज्ञापन किसी को ठेस न पहुंचाएं और समाज में गलत संदेश न फैलाएं।

अतिरिक्त जानकारी

  • ऐप्पल ने कहा है कि वे इस विज्ञापन को टीवी पर नहीं दिखाएंगे।
  • यह विज्ञापन अभी भी कंपनी के YouTube चैनल पर मौजूद है, लेकिन इस पर टिप्पणी बंद कर दी गई है।
  • कुछ लोगों का मानना है कि ऐप्पल ने माफ़ी मांगने के लिए केवल दबाव में आकर ऐसा किया।
  • इस घटना ने यह भी दिखा दिया है कि सोशल मीडिया कंपनियों को जवाबदेह ठहराने में एक शक्तिशाली उपकरण हो सकता है।

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